आय, जाति (ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर/एससी/एसटी) व ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र: 8 लाख सीमा, प्रारूप एवं ऑनलाइन आवेदन
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: November 2026 · 8 min read
केंद्रीय व राज्य सेवाओं हेतु ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया। 8 लाख रुपये की आय गणना, तहसीलदार स्थलीय जांच, प्रारूप व सत्यापन नियम।
आय, जाति, निवास (मूल निवास) एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत आरक्षण, सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति प्राप्त करने हेतु अनिवार्य विधिक दस्तावेज हैं। तहसीलदार व उप-जिलाधिकारी (SDM) द्वारा अधिकृत इन प्रमाण पत्रों को अब राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टलों के माध्यम से पूर्णतः डिजिटल व पारदर्शी तरीके से बनवाया जा सकता है।
मुख्य जानकारी
| जारीकर्ता अधिकारी | तहसीलदार / उप-जिलाधिकारी (SDM) / राजस्व विभाग |
|---|---|
| ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर सीमा | सकल वार्षिक पारिवारिक आय ₹8,00,000 से कम (कृषि आय को छोड़कर) |
| ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटा | सामान्य वर्ग के आर्थिक कमजोरों हेतु 10% आरक्षण |
| आय प्रमाण पत्र वैधता | राज्य अनुसार 3 वित्तीय वर्ष (केंद्रीय प्रारूप में 1 वित्तीय वर्ष) |
| आवेदन का तरीका | राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल / सीएससी जन सेवा केंद्र |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
राज्य प्रारूप (State) बनाम केंद्र प्रारूप (Central) का चयन करें
निश्चय करें कि आपको प्रमाण पत्र राज्य सरकार की नौकरियों/प्रवेश हेतु चाहिए अथवा केंद्रीय सेवाओं (UPSC, SSC, रेलवे, NEET, JEE, केंद्रीय विश्वविद्यालय) हेतु। केंद्र सरकार के पदों हेतु कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा निर्धारित विशिष्ट अंग्रेजी प्रारूप में प्रमाण पत्र जारी कराना अनिवार्य होता है।
₹8 लाख की वार्षिक आय सीमा के नियमों को समझें
ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर और ईडब्ल्यूएस दोनों के लिए पारिवारिक आय की सीमा ₹8 लाख प्रति वर्ष निर्धारित है। ध्यान रहे कि ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर हेतु माता-पिता की कृषि से होने वाली आय और वेतन (सैलरी) को इस ₹8 लाख की गणना में नहीं जोड़ा जाता, जबकि ईडब्ल्यूएस में सभी स्रोतों से कुल सकल आय जोड़ी जाती है।
राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट / आरटीपीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें
अपने राज्य के नागरिक पोर्टल (जैसे edistrict.up.gov.in, दिल्ली ई-डिस्ट्रिक्ट, बिहार RTPS, एमपी ई-उपार्जन/डिस्ट्रिक्ट आदि) पर जाएं। व्यक्तिगत विवरण, जाति, पैतृक व्यवसाय और पारिवारिक आय दर्ज करें। आधार कार्ड, पिता का जाति प्रमाण पत्र/पुराने राजस्व अभिलेख, स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र एवं फोटो अपलोड करें।
क्षेत्रीय लेखपाल/पटवारी एवं कानूनगो द्वारा स्थलीय सत्यापन
आवेदन ऑनलाइन संबंधित क्षेत्र के लेखपाल (पटवारी) को भेजा जाता है। लेखपाल गांव या मोहल्ले में जाकर परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि, जातिगत परंपरा, भूमि-संपत्ति और वास्तविक आय की जांच कर अपनी औपचारिक आख्या (Inspection Report) तहसीलदार को भेजता है।
तहसीलदार द्वारा डिजिटल स्वीकृति एवं क्यूआर प्रमाण पत्र डाउनलोड
तहसीलदार अथवा कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा आख्या की समीक्षा के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। नागरिक अपने डैशबोर्ड से बारकोड एवं क्यूआर कोड युक्त आधिकारिक प्रमाण पत्र सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड (ओटीपी सत्यापन हेतु मोबाइल से लिंक)
- पैतृक जाति प्रमाण: पिता या सगे चाचा का जाति प्रमाण पत्र अथवा 1950/1967 से पूर्व का भू-राजस्व अभिलेख
- आय प्रमाण: माता-पिता की वेतन पर्ची / फॉर्म-16 / आईटीआर अथवा स्व-घोषणा शपथ पत्र
- आवेदक का हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (सफेद पृष्ठभूमि, 50 KB से कम)
- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में स्व-हस्ताक्षरित घोषणा पत्र
- राशन कार्ड अथवा परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाति या ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाना आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के तहत गैर-जमानती अपराध है। सुप्रीम कोर्ट के 'माधुरी पाटिल बनाम महाराष्ट्र सरकार' निर्णय के अनुसार ऐसे व्यक्तियों की सरकारी नौकरी तुरंत समाप्त की जाती है, डिग्री रद्द की जाती है और आपराधिक अभियोग चलाया जाता है।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
- राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल (India Services)
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT)
- फॉर्मसूत्र नागरिक आरक्षण एवं विधिक प्रकोष्ठ
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- केंद्रीय भर्ती में राज्य का प्रमाण पत्र देना: यूपीएससी, एसएससी या नीट काउंसलिंग में राज्य प्रारूप वाला प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जिससे उम्मीदवारी रद्द हो सकती है।
- ननिहाल (माता) के पक्ष का जाति प्रमाण देना: विधिक रूप से बच्चे की जाति केवल पिता की जाति से तय होती है; माता या मामा की जाति मान्य नहीं होती।
- पुराने वित्तीय वर्ष का ओबीसी-एनसीएल लगाना: केंद्रीय परीक्षाओं में 1 अप्रैल के बाद का नवीनतम जारी प्रमाण पत्र ही स्वीकार्य होता है।
- ईडब्ल्यूएस में पूरे परिवार की आय न जोड़ना: माता-पिता, पति/पत्नी और 18 वर्ष से कम आयु के भाई-बहनों की कुल आय को छुपाने पर सत्यापन निरस्त हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या केंद्रीय ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र 1 वर्ष के लिए ही मान्य होता है?
हाँ। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग (DoPT) के नियमों के अनुसार ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र केवल 1 वित्तीय वर्ष हेतु मान्य होता है और वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के आधार पर नवीनतम आय पर जारी होना चाहिए।
क्या 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि होने पर EWS आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा?
हाँ। यदि परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है, अथवा 1000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट है, तो 8 लाख से कम आय होने पर भी परिवार ईडब्ल्यूएस आरक्षण हेतु अपात्र हो जाता है।
केंद्रीय भर्ती हेतु ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र कितने समय तक वैध रहता है?
केंद्रीय सेवाओं एवं अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षाओं हेतु ओबीसी-एनसीएल प्रमाण पत्र 1 वित्तीय वर्ष (जारी होने के वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक) हेतु मान्य रहता है।
क्या ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर की 8 लाख की सीमा में खेती की आय जोड़ी जाती है?
नहीं। केंद्र सरकार के डीओपीटी नियमों के अनुसार माता-पिता की कृषि से होने वाली आय और वेतन (सैलरी) को इस 8 लाख रुपये की सीमा में शामिल नहीं किया जाता।
क्या शादी के बाद महिला अपने पति की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र बनवा सकती है?
नहीं, बिल्कुल नहीं। भारत के कानून के अनुसार व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है। विवाहित महिला का जाति प्रमाण पत्र केवल उसके पिता के नाम, पते और पैतृक जाति के आधार पर ही बनेगा।
डिजिटल जारी प्रमाण पत्र असली है या नहीं, यह कैसे पता लगाएं?
प्रमाण पत्र पर एक विशिष्ट आवेदन संख्या (Application No.) और प्रमाण पत्र संख्या होती है। अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाकर 'प्रमाण पत्र सत्यापन (Verify Certificate)' पर क्लिक करें अथवा प्रमाण पत्र पर मुद्रित क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करें।