मूल संपत्ति दस्तावेज गुमशुदगी शपथ पत्र प्रारूप
मूल पंजीकृत संपत्ति बैनामा/दस्तावेज गुम होने की दशा में द्वितीयक प्रमाणित प्रति प्राप्त करने व बैंक ऋण हेतु नोटरीकृत कानूनी शपथ पत्र।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- पुलिस थाने की आधिकारिक गुमशुदगी रिपोर्ट (Lost Report / GD) की प्रति
- समाचार पत्रों (एक राष्ट्रीय अंग्रेजी व एक स्थानीय हिंदी) में प्रकाशित सार्वजनिक सूचना
- सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से जारी खोए हुए विलेख की प्रमाणित प्रति (Certified Copy)
- संपत्ति स्वामी का आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटोग्राफ
मुख्य विवरण (Key Details)
- संबंधित विभाग / प्राधिकरण: उप-पंजीयक कार्यालय / बैंक / हाउसिंग फाइनेंस कंपनी
- स्टांप पेपर / सरकारी शुल्क: ₹100 से ₹500 का गैर-न्यायिक नोटरीकृत स्टांप पेपर
- जमा करने का माध्यम: नोटरी पब्लिक के समक्ष निष्पादन एवं संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत
- अनुमानित समय: 7–15 कार्यदिवस (15 दिन के सार्वजनिक नोटिस उपरांत)
- आधिकारिक पोर्टल: https://services.india.gov.in
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
पुलिस थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट (GD) दर्ज कराएं
मूल रजिस्ट्री अथवा विलेख गुम होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में अथवा ऑनलाइन पुलिस पोर्टल पर गुमशुदगी सूचना दर्ज कर जीडी (GD) की प्रमाणित प्रति प्राप्त करें।
दो समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करें
दस्तावेज गुम होने की सार्वजनिक सूचना एक प्रमुख राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार पत्र तथा एक स्थानीय भाषा के समाचार पत्र में प्रकाशित कराएं।
गैर-न्यायिक स्टांप पेपर खरीदें
संपत्ति स्वामी के नाम से अधिकृत स्टांप वेंडर अथवा ई-स्टांप केंद्र से ₹100 to ₹500 का गैर-न्यायिक स्टांप पेपर खरीदें।
खोए हुए विलेख का विस्तृत शपथ पत्र तैयार करें
शपथ पत्र में संपत्ति का खसरा/प्लॉट नंबर, पूर्व रजिस्ट्री संख्या, गुम होने की परिस्थितियां तथा संपत्ति किसी बैंक में बंधक न होने की स्पष्ट घोषणा लिखें।
नोटरी तस्दीक उपरांत सब-रजिस्ट्रार से प्रमाणित प्रति लें
नोटरी पब्लिक के समक्ष शपथ पत्र निष्पादित कराएं तथा पुलिस रिपोर्ट व अखबार की कतरनों सहित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रमाणित प्रति (Certified Copy) हेतु आवेदन करें।
फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)
- शपथकर्ता विवरण में संपत्ति स्वामी का पूरा नाम, पिता का नाम, पैन कार्ड संख्या तथा स्थायी आवासीय पता सही भरें।
- संपत्ति अनुसूची खंड में मकान/भूखंड संख्या, खसरा नंबर, कुल क्षेत्रफल तथा चारों दिशाओं की चौहद्दी सीमाएं स्पष्ट दर्ज करें।
- खोए हुए दस्तावेज विवरण में विलेख का प्रकार (बैनामा / पट्टा विलेख), पंजीयन संख्या, जिल्द नंबर, पृष्ठ संख्या एवं पंजीयन दिनांक लिखें।
- बंधक-मुक्त घोषणा में यह स्पष्ट शपथ लें कि मूल रजिस्ट्री किसी बैंक, संस्था अथवा व्यक्ति के पास बंधक रखकर कोई ऋण नहीं लिया गया है।
आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)
- अखबार में विज्ञापन देने से पूर्व पुलिस थाने में गुमशुदगी की जीडी (GD) दर्ज न कराना।
- केवल एक अखबार में विज्ञापन देना; बैंकिंग व रजिस्ट्री नियमानुसार एक हिंदी व एक अंग्रेजी समाचार पत्र में सूचना देना अनिवार्य है।
- यह घोषणा छोड़ देना कि मूल रजिस्ट्री किसी बैंक में बंधक (Mortgage) नहीं रखी गई है।
- अखबार में दिए गए 15 दिनों के नोटिस की अवधि पूर्ण होने से पहले ही सीधे प्रमाणित प्रति हेतु दबाव बनाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- रजिस्ट्री गुम होने के शपथ पत्र हेतु कितने रुपये का स्टांप पेपर लगता है?
राज्य के नियमानुसार सामान्यतः ₹100 to ₹500 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र तैयार किया जाता है।
- रजिस्ट्री की दूसरी कॉपी निकालने के लिए यह शपथ पत्र क्यों जरूरी है?
सब-रजिस्ट्रार और बैंक यह सुनिश्चित करते हैं कि मूल रजिस्ट्री वास्तव में गुम हुई है और किसी अन्य बैंक में गिरवी रखकर धोखाधड़ी नहीं की जा रही है।
- गुम रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने में कितना समय लगता है?
पुलिस रिपोर्ट, 15 दिन के सार्वजनिक नोटिस तथा सब-रजिस्ट्रार रिकॉर्ड निरीक्षण उपरांत सामान्यतः 7–15 दिन में प्रमाणित प्रति मिल जाती है।
- क्या शपथ पत्र बनवाने से पहले पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य है?
हाँ, मूल दस्तावेजों की गुमशुदगी की कानूनी पुष्टि हेतु पुलिस की अदम चेक/जीडी प्रति संलग्न करना अनिवार्य है।
- क्या प्रमाणित प्रति और इस शपथ पत्र के आधार पर संपत्ति बेची जा सकती है?
हाँ, प्रमाणित प्रति (Certified Copy), पुलिस जीडी, अखबार के विज्ञापन और इस नोटरीकृत शपथ पत्र की सहायता से मालिकाना हक प्रमाणित कर बिक्री संभव है।