किराएदार, नौकर एवं ड्राइवर पुलिस वेरिफिकेशन: ऑनलाइन राज्य पोर्टल, चरित्र प्रमाण पत्र एवं आवश्यक विलेख
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: October 08, 2026 · 7 min read
मकान मालिकों हेतु विधिक अनुपालन (IPC 188 / BNS 223)। CCTNS राज्य पुलिस पोर्टल से ऑनलाइन सत्यापन, आवश्यक दस्तावेज, रेंट एग्रीमेंट एवं चरित्र प्रमाण पत्र डाउनलोड गाइड।
भारत के सभी प्रमुख शहरों एवं महानगरों में संपत्ति मालिकों और नियोक्ताओं के लिए अपने किरायेदारों, पेइंग गेस्ट (PG), घरेलू नौकरों, रसोइयों एवं ड्राइवरों का औपचारिक पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। ऐसा न करने पर मकान मालिक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 (एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223) के तहत कानूनी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा सकती है।
मुख्य जानकारी
| कानूनी अनिवार्यता | पुलिस एक्ट एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार अनिवार्य |
|---|---|
| उल्लंघन पर दंड | IPC धारा 188 / BNS धारा 223 के तहत संज्ञेय अपराध |
| आवेदन का तरीका | राज्य पुलिस CCTNS पोर्टल / मोबाइल ऐप अथवा थाना स्तर पर |
| सत्यापन की समयसीमा | किरायेदार के मकान में आने के 15 दिनों के भीतर |
| प्रमाण पत्र की वैधता | किराया अनुबंध की अवधि तक (सामान्यतः 11 माह) |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
किरायेदार व घरेलू कर्मचारियों से पहचान पत्र व विवरण लें
किरायेदार का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मूल निवास प्रमाण (वोटर कार्ड/राशन कार्ड), पासपोर्ट साइज फोटो, एवं कंपनी/संस्थान का आधिकारिक आईडी कार्ड प्राप्त करें। उनके गृह जनपद के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों या रिश्तेदारों के नाम और फोन नंबर भी अवश्य एकत्र करें।
राज्य पुलिस के नागरिक पोर्टल या ऐप पर लॉगिन करें
अपने राज्य के पुलिस पोर्टल (जैसे दिल्ली पुलिस पोर्टल, यूपी पुलिस का 'UPCOP' ऐप, महाराष्ट्र पुलिस 'MahaPolice', कर्नाटक KSP ऐप आदि) पर जाएं। मकान मालिक के मोबाइल नंबर से ओटीपी द्वारा रजिस्टर करें और 'Tenant Verification' विकल्प चुनें।
किरायेदार का पूरा विवरण व दस्तावेज अपलोड करें
मकान मालिक का पता, किराये पर दी गई संपत्ति का विवरण, किरायेदार का नाम, पिता का नाम, स्थायी पता, मूल थाना क्षेत्र और कार्यस्थल का पता दर्ज करें। किरायेदार का आधार, रेंट एग्रीमेंट और फोटो अपलोड कर निर्धारित सरकारी शुल्क (जैसे यूपी में ₹50, दिल्ली/महाराष्ट्र में निशुल्क) का भुगतान करें।
स्थानीय थाने व गृह जनपद द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड जांच
पोर्टल से आवेदन सीधे सीसीटीएनएस (CCTNS) डेटाबेस के माध्यम से स्थानीय थाने और किरायेदार के गृह जनपद के थाने को भेजा जाता है, जहां उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड या किसी वारंट की पड़ताल की जाती है।
डिजिटल हस्ताक्षरित पुलिस सत्यापन रसीद/प्रमाण पत्र डाउनलोड करें
बीट कांस्टेबल की जांच अथवा डेटाबेस क्लीयरेंस के पश्चात पोर्टल पर 'Tenant Verification Report' जारी हो जाती है, जिस पर आधिकारिक क्यूआर कोड और सत्यापन संख्या अंकित होती है। इसे सुरक्षित प्रिंट करके रखें।
आवश्यक दस्तावेज
- मकान मालिक का पहचान व स्वामित्व प्रमाण (आधार कार्ड + बिजली बिल या गृहकर रसीद)
- किरायेदार का आधार कार्ड / वोटर आईडी / ड्राइविंग लाइसेंस (दोनों तरफ का)
- किरायेदार का ऑफिस आईडी कार्ड / नियुक्ति पत्र अथवा छात्र आईडी
- किरायेदार एवं घरेलू नौकर की 2 हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
- ₹100 के स्टांप पेपर पर निष्पादित नोटरी रेंट एग्रीमेंट की प्रति
- किरायेदार के मूल निवास के दो स्थानीय संदर्भ व्यक्तियों के नाम व मोबाइल नंबर
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
नोटरी रेंट एग्रीमेंट में यह खंड (Clause) अनिवार्यतः लिखवाएं: 'किरायेदार परिसर में कब्जा लेने के 15 दिनों के भीतर अनिवार्य पुलिस सत्यापन हेतु अपने समस्त पहचान पत्र, बायोमेट्रिक व आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए बाध्य रहेगा।' यह शर्त किसी भी अप्रिय आपराधिक घटना की स्थिति में मकान मालिक को कानूनी संरक्षण प्रदान करती है।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
- दिल्ली पुलिस नागरिक सेवा पोर्टल
- उत्तर प्रदेश पुलिस UPCOP पोर्टल
- महाराष्ट्र पुलिस नागरिक सेवा पोर्टल
- फॉर्मसूत्र विधिक प्रलेखन केंद्र
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- महीनों तक सत्यापन टालना: मकान किराये पर देने के तुरंत बाद या 15 दिनों के भीतर सत्यापन न कराना कानूनी अपराध है।
- घरेलू कामगारों का सत्यापन न कराना: केवल मुख्य किरायेदार का फॉर्म भरना और घर में आने वाली कामवाली, ड्राइवर या कुक का सत्यापन न कराना।
- केवल फोन पर फोटो देखकर संतुष्ट होना: भौतिक रूप से स्व-हस्ताक्षरित पहचान पत्रों की फोटोकॉपी अपने पास न रखना।
- सत्यापन पावती सुरक्षित न रखना: पुलिस द्वारा जारी पावती (Acknowledgment Slip) को रेंट एग्रीमेंट के साथ न सहेजना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है?
कई शहरों और ज़िलों में पुलिस आयुक्त या ज़िला मजिस्ट्रेट के आदेश से किरायेदार का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है, और जानकारी न देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नियम शहर के अनुसार अलग होते हैं, इसलिए अपने थाने या राज्य पुलिस के नागरिक पोर्टल से पुष्टि करें।
क्या किरायेदार स्वयं भी अपने चरित्र सत्यापन हेतु आवेदन कर सकता है?
हाँ। किरायेदार राज्य पुलिस पोर्टल पर 'Character Certificate' विकल्प से अपना पुलिस क्लीयरेंस कराकर उसकी प्रति मकान मालिक को सौंप सकता है।
ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन का सरकारी शुल्क कितना है?
पुलिस थाने और राज्य पुलिस पोर्टल पर आमतौर पर निःशुल्क होता है (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र)। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मात्र ₹50 का सरकारी पोर्टल शुल्क लगता है।
क्या पुलिसकर्मी सत्यापन हेतु घर पर आते हैं?
हाँ। सामान्यतः संबंधित क्षेत्र का बीट कांस्टेबल किरायेदार के पते पर जाकर भौतिक रूप से जांच करता है और पड़ोसियों से सामान्य पूछताछ कर अपनी आख्या लगाता है।