विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) एवं मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने की पूरी प्रक्रिया
द्वारा शिवम तिवारी, संस्थापक, फॉर्मसूत्र · अपडेट: September 2026 · 7 min read
हिंदू विवाह अधिनियम 1955 बनाम विशेष विवाह अधिनियम 1954 (कोर्ट मैरिज), आवश्यक दस्तावेज, 3 गवाहों के नियम, सब-रजिस्ट्रार अपॉइंटमेंट व तत्काल सेवा।
सुप्रीम कोर्ट (सीमा बनाम अश्वनी कुमार वाद) के आदेशानुसार भारत में विवाह का कानूनी पंजीकरण कराना अनिवार्य है। स्पाउस वीजा (Spouse Visa), पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम दर्ज कराने, संयुक्त बैंक खाते या होम लोन और उत्तराधिकार दावों के लिए विवाह प्रमाण पत्र सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज है।
मुख्य जानकारी
| सक्षम प्राधिकारी | उप-रजिस्ट्रार (Sub-Registrar of Marriages) / एसडीएम |
|---|---|
| विवाह की न्यूनतम वैधानिक आयु | दुल्हन: 18 वर्ष | दूल्हा: 21 वर्ष |
| कानूनी प्रारूप | हिंदू विवाह अधिनियम 1955 / विशेष विवाह अधिनियम 1954 |
| अनिवार्य गवाह | 3 बालिग गवाह (वैध मूल पहचान पत्र सहित) |
| प्रमाण पत्र जारी होने का समय | उसी दिन (HMA) अथवा 30 दिन बाद (Court Marriage) |
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
उचित विवाह अधिनियम का चयन करें
• हिंदू विवाह अधिनियम 1955: यदि वर और वधू दोनों हिंदू, बौद्ध, जैन अथवा सिख हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों से विवाह पहले ही संपन्न हो चुका है। • विशेष विवाह अधिनियम 1954 (कोर्ट मैरिज): अंतर-धार्मिक, अंतर-जातीय या सीधे कोर्ट में विवाह हेतु (इसमें 30 दिन का अनिवार्य सार्वजनिक नोटिस पीरियड होता है)।
राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट / निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन स्लॉट बुक करें
अपने राज्य के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन पोर्टल (जैसे edistrict.delhigovt.nic.in, igrsup.gov.in, igrmaharashtra.gov.in आदि) पर जाएं। प्रपत्र 'A' भरें, वर-वधू का विवरण, शादी का कार्ड, विवाह की संयुक्त फोटो अपलोड करें और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक करें।
वर व वधू का वैवाहिक शपथ पत्र तैयार करवाएं
गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर पति व पत्नी दोनों के अलग-अलग शपथ पत्र नोटरी से बनवाएं। इसमें जन्मतिथि, नागरिकता, विवाह के समय वैवाहिक स्थिति (अविवाहित/तलाकशुदा/विधवा) और यह घोषणा होती है कि दोनों पक्ष प्रतिबंधित रिश्तों (Prohibited Degrees) के दायरे में नहीं आते।
3 गवाहों के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति
निर्धारित तिथि पर पति और पत्नी दोनों को विवाह में सम्मिलित हुए 3 बालिग गवाहों (माता-पिता, रिश्तेदार या मित्र) के साथ रजिस्ट्रार के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। सभी गवाहों के पास मूल आधार कार्ड व फोटो होनी चाहिए।
दस्तावेज मिलान, बायोमेट्रिक व विवाह प्रमाण पत्र जारी होना
रजिस्ट्रार सभी मूल प्रमाण पत्रों की जांच करता है, वर-वधू व तीनों गवाहों की डिजिटल फोटो और अंगूठे के निशान (Biometric) लेता है। इसके बाद उसी दिन मुहर लगा हुआ आधिकारिक विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
आवश्यक दस्तावेज
- विवाह का मूल निमंत्रण पत्र (Wedding Card) या मंदिर/गुरुद्वारा विवाह प्रमाण
- वर और वधू दोनों का आयु प्रमाण (10वीं की अंकतालिका, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट)
- दोनों पक्षों का वैध निवास प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल)
- विवाह की संयुक्त रंगीन फोटो (वरमाला या फेरे के समय की) व सामान्य फोटो
- गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र
- तीनों बालिग गवाहों के मूल आधार कार्ड व फोटो
- यदि पूर्व में विवाह हुआ था: न्यायालय का तलाकनामा (Divorce Decree) या मृत्यु प्रमाण पत्र
स्टांप पेपर और नोटरी नियम
वर और वधू के शपथ पत्र ₹10 या ₹50 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी मुहर सहित होने चाहिए। सामान्य सरकारी विवाह पंजीकरण शुल्क ₹100 से ₹500 के बीच होता है (तत्काल सेवा में अतिरिक्त सरकारी शुल्क लगता है)।
आधिकारिक पोर्टल और लिंक
आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय
- गवाहों का केवल फोटोकॉपी लेकर आना: सब-रजिस्ट्रार बिना मूल पहचान पत्र (Original ID) के गवाहों को स्वीकार नहीं करता।
- अंकतालिका और आधार कार्ड में जन्मतिथि का अंतर: अपॉइंटमेंट लेने से पहले जांच लें कि दोनों दस्तावेजों में जन्मतिथि एक समान हो।
- फेरे/रीति-रिवाजों की फोटो न होना: हिंदू विवाह अधिनियम में सप्तपदी (सात फेरे) या सिंदूरदान की स्पष्ट फोटो दिखाना अनिवार्य होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या भारत में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है?
हाँ। उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के ऐतिहासिक फैसले के बाद भारत के सभी राज्यों में विवाह का पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है।
तत्काल विवाह पंजीकरण (Tatkal Marriage Service) क्या है?
कई राज्यों (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र) में आपातकालीन विदेश यात्रा या स्पाउस वीजा के लिए तत्काल सेवा उपलब्ध है, जिसमें अतिरिक्त सरकारी शुल्क देकर 24 से 48 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।