चेक भुगतान रोकने का निर्देश प्रपत्र (Stop Payment Mandate)
जारी किया गया चेक खो जाने, चोरी होने अथवा विवादित होने की स्थिति में अनाधिकृत भुगतान रोकने हेतु बैंक को तत्काल वैधानिक निर्देश।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
- लिखित स्टॉप पेमेंट आवेदन पत्र / बैंक का निर्धारित प्रपत्र
- चेक बुक की काउंटरफाइल प्रति (चेक संख्या, तिथि व राशि विवरण हेतु)
- खाताधारक का हस्ताक्षर एवं पहचान सत्यापन
मुख्य विवरण (Key Details)
- संबंधित विभाग / प्राधिकरण: संबंधित बैंक शाखा / कोर बैंकिंग प्रणाली
- स्टांप पेपर / सरकारी शुल्क: पूर्णतः निःशुल्क (बैंक नियमानुसार मामूली सेवा प्रभार खाते से देय)
- जमा करने का माध्यम: बैंक शाखा काउंटर अथवा इंटरनेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग ऐप
- अनुमानित समय: तत्काल / उसी दिन
- आधिकारिक पोर्टल: https://rbi.org.in
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
चेक की सही जानकारी और नंबर नोट करें
अपनी चेक बुक के काउंटरफॉइल या रिकॉर्ड स्लिप से 6 अंकों का चेक नंबर, चेक जारी करने की तारीख, राशि और आदाता (पेयी) का नाम नोट करें।
रोक लगाने का सबसे तेज माध्यम चुनें
इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग से तुरंत स्टॉप पेमेंट करें, या शाखा जाकर लिखित आवेदन पत्र जमा करें।
चेक स्टॉप पेमेंट आवेदन पत्र भरें
आवेदन में अपना बैंक खाता नंबर, चेक नंबर, रकम, तारीख और भुगतान रोकने का स्पष्ट कारण (खो जाना, चोरी या लेनदेन रद्द) लिखें।
हस्ताक्षरित आवेदन बैंक काउंटर पर जमा करें
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार हस्ताक्षर करके आवेदन शाखा में जमा करें और बैंक द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क का भुगतान करें।
मुहर लगी पावती (रिसीविंग) प्राप्त करें
बैंक अधिकारी से आवेदन की मुहर लगी प्रति या एसएमएस/ईमेल पुष्टिकरण अवश्य लें कि कोर बैंकिंग सिस्टम में चेक रोक दिया गया है।
फॉर्म कैसे भरें (How to Fill)
- फॉर्म में सबसे ऊपर अपना 11 से 16 अंकों का बैंक खाता नंबर और होम ब्रांच का नाम स्पष्ट लिखें।
- चेक के निचले हिस्से में छपा 6 अंकों का सही चेक नंबर सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
- चेक पर लिखी गई रकम को अंकों और शब्दों में सही-सही भरें।
- भुगतान रोकने का स्पष्ट कारण लिखें, जैसे 'चेक खो गया है', 'चोरी हो गया' या 'सौदा निरस्त हुआ'।
- खाते में पंजीकृत अपने हस्ताक्षर करें, हस्ताक्षर में भिन्नता होने पर बैंक अनुरोध अस्वीकार कर सकता है।
आम गलतियों से बचें (Common Mistakes)
- चेक का नंबर गलत लिख देना, जिससे सही चेक क्लियर हो जाता है और दूसरा नंबर ब्लॉक हो जाता है।
- आवेदन में देरी करना, जिससे चेक क्लीयरिंग हाउस में पहले ही पास हो जाता है।
- बैंक रिकॉर्ड से मेल न खाने वाले हस्ताक्षर करना।
- बैंक से मुहर लगी रिसीविंग पावती न लेना, जो कानूनी सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- क्या स्टॉप पेमेंट के बाद भी चेक का भुगतान हो सकता है?
यदि बैंक के सिस्टम में स्टॉप पेमेंट दर्ज हो चुका है, तो चेक प्रस्तुत होने पर बैंक उसे तुरंत रोक देता है।
- क्या चेक का भुगतान रोकने से कानूनी विवाद हो सकता है?
हाँ। यदि किसी वैध कानूनी देनदारी के बदले जारी चेक को बिना ठोस कारण रोका जाए, तो धारक नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस भेज सकता है।
- क्या बैंक स्टॉप पेमेंट के लिए कोई शुल्क लेता है?
हाँ, प्रत्येक बैंक अपने सेवा शुल्क नियमों के अनुसार प्रति चेक लीफ पर निर्धारित मामूली शुल्क लेता है।
- स्टॉप पेमेंट का निर्देश कितनी देर में प्रभावी होता है?
नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग से यह तुरंत रियल-टाइम में लागू हो जाता है। शाखा में आवेदन जमा करने पर अधिकारी के सिस्टम में दर्ज करते ही लागू होता है।
- क्या स्टॉप पेमेंट निर्देश को बाद में वापस लिया जा सकता है?
हाँ, खाताधारक बैंक में लिखित आवेदन देकर स्टॉप पेमेंट निर्देश को निरस्त कर सकता है।